हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,एक इज़रायली विश्लेषक ने कहा है कि अमेरिका के लिए ईरान को सैन्य रूप से हराना संभव नहीं है। उनके अनुसार, पेंटागन भी इस तरह के युद्ध की कठिनाइयों से भली-भांति परिचित है और ईरान के साथ व्यापक युद्ध पूरे मध्य पूर्व को गंभीर संकट में डाल सकता है।
इस विश्लेषक ने कहा कि ईरान विशाल भौगोलिक क्षेत्र और उल्लेखनीय सैन्य क्षमताओं वाला देश है। इसलिए अमेरिका न तो व्यापक युद्ध लड़ सकता है और न ही उसमें निर्णायक जीत हासिल कर सकता है।
उन्होंने कहा,यह ईरान है, स्पेन नहीं। सैन्य दृष्टि से ईरान को हराना संभव नहीं है। पेंटागन भी अच्छी तरह जानता है कि ईरान के साथ युद्ध में विजय प्राप्त करना लगभग असंभव है।
विश्लेषक ने क्षेत्र की जनसांख्यिकीय स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि इराक, सऊदी अरब के तेल-समृद्ध क्षेत्रों, कुवैत और बहरीन में बड़ी संख्या में शिया आबादी रहती है। उनके अनुसार, ईरान के साथ किसी भी बड़े संघर्ष से पूरे मध्य पूर्व में व्यापक अस्थिरता फैल सकती है।
उन्होंने आगे कहा,अमेरिकी जनरल आत्मघाती नहीं हैं। वे जानते हैं कि ऐसे युद्ध में अपने उद्देश्यों को हासिल करना संभव नहीं होगा और वे कई बार इसके गंभीर परिणामों की चेतावनी भी दे चुका हैं।
विश्लेषक ने दावा किया कि वाशिंगटन का मुख्य उद्देश्य ईरान में शासन परिवर्तन है, लेकिन उनके अनुसार डोनाल्ड ट्रंप भी इस निष्कर्ष पर पहुंच चुका हैं कि ईरान में शासन परिवर्तन लगभग असंभव है।
उन्होंने कुछ अमेरिकी विश्लेषकों की आलोचना करते हुए कहा कि वे मध्य पूर्व की वास्तविकताओं को सही ढंग से नहीं समझता। उनके अनुसार, केवल आर्थिक समस्याओं के आधार पर यह मान लेना कि ईरान की व्यवस्था ढह जाएगी,वास्तविकता से दूर है।
अंत में उन्होंने कहा,आज ईरान की सरकार मजबूत और स्थिर है। कोई भी शक्ति या परिस्थिति उसे आसानी से चुनौती नहीं दे सकती। यहां तक कि यदि जनता को अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़े, तब भी यह व्यवस्था कायम रहेगी।
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